Continuity and Differentiability Class 12 Maths Notes in Hindi – NCERT

Continuity and Differentiability Class 12 Math Notes in Hindi : सांतत्य तथा अवकलनीयता । कक्षा 12 गणित ।

आपने ग्राफ (Graph) अर्थात संख्या रेखा (Number Line) के बारे में पहले भी पढ़ा होगा और अनेक प्रकार के ग्राफ बनाए होंगे। ग्राफ की सहायता से हम किसी फलन (Function) के विभिन्न मानों(Value) को दर्शाये हैं। सांतत्य तथा अवकलनीयता (Continuity and Differentiability) को समझने के लिए भी ग्राफ की समझ बहुत आवश्यक होता है। अभी हम पहले सांतत्य (Continuity) को समझते हैं फिर आगे Differentiability को जानेंगे।

Continuity : किसी फलन (Function) के ग्राफ को बिना रुके खींचा जाए , तो वह सांतत्य (Continuity) कहा जाता है, लेकिन किसी बिंदु पर ग्राफ में रुकावट आ जाए , टूटन या छलांग आ जाए, तो वह असांतत्य (Discontinuity) कहलाता है। इन्हे आप निचे चित्र(Map) से समझ सकते हैं।

Continuity and Differentiability Class 12 Maths Notes in Hindi

आप अपने कॉपी पर कलम(Pen) से किसी फलन का कई बार ग्राफ खींचे होंगे । जब  ग्राफ एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक निरंतर (Continuously) चलता रहे , बीच में रुके नहीं तो वह फलन उस क्षेत्र में सतत (Continuous) माना कहा जाता है। इसके विपरीत ग्राफ में कोई रुकावट, टूटन (Break), या अचानक छलांग (Jump) दिखाई दे, तो उस बिंदु पर फलन असतत (Discontinuous) कहा जाता है।

Class 12 NCERT Math Chapter 5 Notes in Hindi 

आप अभी तक सांतत्य (Continuity) एवं असांतत्य (Discontinuity) को ग्राफ के माध्यम से समझ चुके हैं। अब हम इस विषय पर आधारित पूछे जाने वाले प्रश्नों पर चर्चा करते हैं।

यदि प्रश्नावली (Exercise) 5.1 की बात करें, तो इसमें कुल 34 प्रश्न हैं, जो सांतत्य और असांतत्य पर आधारित हैं। अब आपके मन में यह सवाल आ सकता है कि क्या इन सभी प्रश्नों को हल करते समय हर बार ग्राफ बनाना आवश्यक होगा?

तो इसका उत्तर है — नहीं

ग्राफ का उपयोग मुख्य रूप से सिद्धांतों (Theory) और मूल अवधारणाओं (Basic Concepts) को समझने के लिए किया जाता है। प्रश्नों को हल करने के लिए हमें गणितीय विधियों का उपयोग करना पड़ता है, जैसे कि बाएँ सीमा (LHL) एवं दाएँ सीमा (RHL) और फलन का मान निकालना पड़ता है।

अब हम उन बातों को जानेंगे, जो इस अध्याय (Chapter) को समझने के लिए आवश्यक हैं।

1.सीमा (Limit) क्या होती है ?

यदि कोई फलन f(x) के लिए, जब x किसी संख्या a के अत्यंत निकट पहुँचता है, तब f(x) किसी निश्चित मान L के अत्यंत निकट पहुँचता है, तो L को उस फलन की सीमा (Limit) कहते हैं।

अक्सर विद्यार्थियों(Students) को किताबी भाषा समझ में नहीं आते हैं , इसलिए  बिलकुल सरल भाषा में कहे तो  ‘ Limit का अर्थ होता हैं “किसी संख्या के बहुत ही पास जाना ” हम इसे एक उदहारण से समझते हैं।

माना कि :
\( f(x) = x + 2 \) हैं।

अब हम \( x \) को 2 के पास ले जाना हैं , तो –

1.9 → 3.9
1.99 → 3.99
2.01 → 4.01

हम 2 के पास जा रहे हैं, इसलिए हम बाएँ और दाएँ दोनों ओर से भी जाएँगे। यदि f(x) में x के स्थान पर 1.9 रखते हैं, तो उसका मान 3.9 प्राप्त होता है। जब 1.99 रखते हैं, तो 3.99 प्राप्त होता है। इसी प्रकार, यदि 2.01 रखते हैं, तो 4.01 प्राप्त होता है। ध्यान दीजिए, 2.01 भी 2 के बहुत करीब (पास) ही है।

यहाँ
\( x \to 2 \)
तो \( f(x) \to 4 \)

इसलिए हम लिखते हैं:

 \[
\lim_{x \to 2} (x+2) = 4
\]

जब \( x \), 2 के पास जाता है, तब \( f(x) = x+2 \) का मान 4 के पास पहुँचता है। यही सीमा (Limit) कहलाती है। उम्मीद हैं कि इन एक उदाहरण से limit को समझे होंगे।

Note :  किसी फलन

f(x)f(x)में जब हम

x=ax = aरखते हैं, तब जो मान प्राप्त होता है उसे उस फलन का मान

f(a)f(a)कहा जाता है।

2.किसी बिंदु पर फलन को सतत कब कहते हैं ?

(When is a function continuous at a point?)

यदि किसी बिंदु a पर f(x) के लिए निम्न शर्तें पूरी होती हैं , तो उस बिंदु पर फलन  को सतत(Continuous) कहा जाता हैं।

शर्त – बाएँ एवं दाएँ से बिंदु a पर आने पर प्राप्त होने वाली मान और बिंदु a के असली मान , ये तीनों बराबर जो जाए तो फलन को बिंदु पर सतत कहा जाता हैं।

limxaf(x)=limxa+f(x)=f(a)\lim_{x \to a^-} f(x) = \lim_{x \to a^+} f(x) = f(a) 

उदहारण(Examples) :

 जाँच कीजिए कि:

\[
f(x) = \frac{x^2 – 1}{x – 1}
\]

फलन \( x = 1 \) पर सतत है या नहीं।

हल:

\[
x^2 – 1 = (x – 1)(x + 1)
\]

\[
f(x) = \frac{(x – 1)(x + 1)}{x – 1}
\]

\[
f(x) = x + 1 \quad (x \ne 1)
\]

अब,

\[
\lim_{x \to 1^-} (x + 1) = 2
\]

\[
\lim_{x \to 1^+} (x + 1) = 2
\]

(Note : होने पर

x+1=1+1=2)अब,

\[
f(a) = f(1) = \frac{1^2 – 1}{1 – 1} = \frac{0}{0}
\]

क्योंकि,

\[
\lim_{x \to a^-} f(x) = \lim_{x \to a^+} f(x) \ne f(a)
\]

 ,

limxaf(x)=limxa+f(x)=f(a)\lim_{x \to a^-} f(x) = \lim_{x \to a^+} f(x) = f(a) शर्त को पूरा नहीं कर रहा हैं , f(a) = 0 आया हैं। इसलिए यह फलन \( x = 1 \) पर सतत नहीं है।

 

3.सतत फलनों का बीजगणित क्या है ? (Algebra of Continuous Functions in Hindi)

जब हम सतत (continuous) फलनों पर जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी गणितीय क्रियाएँ करते हैं , तब यह क्रियाएँ सतत फलनों का बीजगणित कहलाता हैं। इन क्रियाओं के बाद हम यह देखना चाहते हैं कि बनने वाले नए फलन सतत रहता हैं या नहीं ।

मान लीजिए कि दो फलन f(x) एवं g(x) किसी बिंदु a पर सतत हैं , तो  इसका अर्थ है कि इन दोनों फलनों में उस बिंदु पर कोई टूटन (break) नहीं है और उनका मान निरंतर /लगातार बदलता रहता है।

Continuity and Differentiability Class 12 Maths Notes in Hindi

➤फलनों को जोड़ने पर :

f(x)+g(x)f(x) + g(x)

, तो दोनों फलनों का मान साथ-साथ जुड़ता है। चूँकि दोनों पहले से ही लगातार (continuous) हैं, इसलिए उनका जोड़ भी अचानक बदलाव के बिना ही बदलता है। इसलिए यह नया फलन भी सतत रहता है।


➤घटाव करने पर : 

इसी प्रकार यदि हम

f(x)g(x)f(x) – g(x)

, तो एक फलन का मान दूसरे से घटाया जाता है। लेकिन दोनों ही पहले से सतत हैं, इसलिए परिणाम में भी कोई अचानक “टूटन” नहीं आती। इसलिए यह भी सतत होता है।


➤गुणा करने पर : 

जब हम दोनों फलनों को गुणा करते हैं –

f(x)g(x)f(x)\cdot g(x)

तो दोनों फलनों के मान आपस में गुणा होते हैं। चूँकि दोनों का व्यवहार पहले से ही निरंतर है, इसलिए उनका गुणनफल भी निरंतर ही रहता है।


➤ भाग करने पर (Division)

जब हम दो सतत फलनों f(x) और g(x) का भाग लेते हैं,

 \[
\frac{f(x)}{g(x)}
\]

 तो यह नया फलन भी सतत हो सकता है, लेकिन इसके लिए एक आवश्यक शर्त होती है।

 ✔️ आवश्यक शर्त :

यदि f(x) और g(x) दोनों किसी बिंदु a पर सतत हैं, तो f(x)/g(x) भी उसी बिंदु पर सतत होगा, केवल तब जब  :

g(a) ≠ 0 हो ।

✔️ कारण :

  • हर (denominator) का मान शून्य नहीं होना चाहिए। क्योंकि शून्य से भाग करना परिभाषित नहीं होता
  • यदि g(a) = 0 हो जाए, तो फलन का मान निर्धारित नहीं होगा , ऐसी स्थिति में फलन में “टूटन” (discontinuity) आ जाती है।

“कुल बात यह है कि दो सतत फलनों का भाग भी सतत होता है, लेकिन तब जब हर शून्य न हो।”

Note : ऊपर हम जो भी बताए हैं वह कक्षा 12 NCERT पर ही आधारित हैं , सिर्फ भाषा बदल गए हैं लेकिन बातें वही हैं। 

 

NCERT के आधार पर – ➤ सतत फलनों के बीजगणित का प्रमाण : 

 मान लीजिए \( f \) और \( g \) दो ऐसे वास्तविक फलन हैं, जो \( x = c \) पर सतत हैं।

अर्थात्,

\[
\lim_{x \to c} f(x) = f(c), \quad \lim_{x \to c} g(x) = g(c)
\]

✔️ (1) जोड़ के लिए :

\[
\lim_{x \to c} [f(x) + g(x)] = \lim_{x \to c} f(x) + \lim_{x \to c} g(x)
\]

\[
= f(c) + g(c) = (f + g)(c)
\]

अतः \( (f + g) \), \( x = c \) पर सतत है।

✔️ (2) घटाव के लिए :

\[
\lim_{x \to c} [f(x) – g(x)] = f(c) – g(c) = (f – g)(c)
\]

अतः \( (f – g) \), \( x = c \) पर सतत है।

✔️ (3) गुणा के लिए :

\[
\lim_{x \to c} [f(x)\cdot g(x)] = f(c)\cdot g(c) = (f \cdot g)(c)
\]

अतः \( (f \cdot g) \), \( x = c \) पर सतत है।

✔️ (4) भाग के लिए :

\[
\lim_{x \to c} \left(\frac{f(x)}{g(x)}\right)
= \frac{f(c)}{g(c)}, \quad \text{जहाँ } g(c) \neq 0
\]

अतः \( \frac{f}{g} \), \( x = c \) पर सतत है।

अभी तक आपने सांतत्य (Continuity) से जुड़ी बातों का अध्ययन किया। अब हम अवकलनीयता (Differentiability) से संबंधित बातों को जानेंगे, जो निम्न प्रकार हैं।

अवकलनीयता (Differentiability) क्या हैं ?  

आपने सांतत्य(Continuity) को समझ चुके हैं अब हम अवकलनीयता(Differentiability) को समझते हैं। यह सांतत्य की अगला भाग हैं लेकिन थोड़ा गहरा भाग हैं।

परिभाषा : यदि किसी बिंदु पर  , किसी “फलन(Function)” का ढाल(Slope) निकाला जाए तो फलन को उन बिंदु पर अवकलनीय (Differentiable) कहा जाता हैं।

अर्थात यदि हम उस बिंदु पर ग्राफ की स्पर्श रेखा(Tangent Line) खींच सकें और उनका ढाल ज्ञात कर सके तो फलन अवकलनीय होता है।

अवकलनीयता (Differentiability) क्या हैं

मौखिक भाषा में समझे :

मान लीजिए कि आप एक सड़क पर चल रहे हैं । यदि सड़क साफ है , भले ही लगातार मुड़ती हुई हो , तो आसानी से हम इसका दिशा समझ सकते हैं → यदि अवकलनीय हैं। लेकिन सड़क में अचानक नुकीले मोड़ चले आए तो यह अवकलनीय नहीं  हैं।

एक लाइन में →

👉 जहाँ दिशा धीरे-धीरे बदलती है → अवकलनीय हैं।
👉 जहाँ दिशा अचानक बदलती हैअवकलनीय नहीं हैं।

➤ उदाहरण :

मान लीजिए एक फलन है:

\[
f(x) = x^2
\]

हमें जाँचना है कि यह फलन \( x = 2 \) पर अवकलनीय है या नहीं।

✔️ चूँकि अवकलनीय परिभाषा से :

\[
f'(x) = \lim_{h \to 0} \frac{f(x+h) – f(x)}{h}
\]

\[
f'(2) = \lim_{h \to 0} \frac{(2+h)^2 – (2)^2}{h}
\]

अब

\[
(2+h)^2 = 4 + 4h + h^2
\]

\[
f'(2) = \lim_{h \to 0} \frac{4 + 4h + h^2 – 4}{h}
\]

\[
= \lim_{h \to 0} \frac{4h + h^2}{h}
\]

\[
= \lim_{h \to 0} (4 + h) = 4
\]

चूँकि \( f'(2) = 4 \) (एक निश्चित मान प्राप्त हुआ), इसलिए \( f(x) = x^2 \), \( x = 2 \) पर अवकलनीय है। अर्थात उस बिंदु पर स्पर्श रेखा खींची जा सकती है और उसकी ढाल 4 है।

ध्यान दीजिए :  अभी तक हमने जो भी समझाया है, वह गणित की अवधारणाएँ (Concepts) हैं, जिनका उद्देश्य विषय को गहराई से समझाना है ताकि आप मूल बातें अच्छी तरह समझ सकें। लेकिन वास्तव में  विद्यार्थियों का मुख्य उद्देश्य यही होना चाहिए कि प्रश्नों को सरल और सही तरीके से तुरंत हल कर सकें, जिसके लिए उन्हें नियमों एवं सूत्रों (Formulas) पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि वे परीक्षा में कम समय में अधिक से अधिक प्रश्नों के उत्तर लिख सकें। हमने आपके लिए कक्षा 12 के सभी अध्यायों के हल इसी  website : deepmathspace.in पर ही उपलब्ध कराए हैं , आप अपनी आवश्यकता के अनुसार उनका अध्ययन कर सकते हैं।

 

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