सारणिक-Determinants Class 12 NCERT Math Notes in Hindi

सारणिक-Determinants Class 12 NCERT Math Notes in Hindi

आपने पिछले “आव्यूह (Matrix)” अध्याय (Chapter) में  वर्ग आव्यूह (Square Matrix) के बारे में अध्ययन किए होंगे । यदि आपने अभी तक वर्ग आव्यूह नहीं पढ़ा है, तो पहले उसे जरूरी पढ़िए है, क्योंकि सारणिक (Determinant) के नियम और प्रश्न  वर्ग आव्यूह पर ही आधारित होते हैं। आज हम Determinant से जुड़े सभी तथ्यों को जानेंगे और यह भी समझेंगे कि इनसे संबंधित प्रश्नों को कैसे हल किया जाता है।

इस अध्याय में कुल चार (Four) प्रश्नावली (Exercises) हैं, जिनमें Exercise 4.1 से लेकर Exercise 4.5 तक शामिल हैं। इन सभी प्रश्नावलियों के प्रश्नों को हल करने के लिए अलग-अलग नियम और सूत्र लागू होते हैं। आगे हम जानेंगे कि इन Exercises के प्रश्नों को हल करने के लिए कौन-कौन से नियम और सूत्र आवश्यक हैं, साथ ही Determinant के सभी मूल Concepts को भी समझेंगे।

Determinants क्या होता है ? – Determinants Class 12 Math Notes in Hindi 

जैसा कि सारणिक (Determinant) मुख्य रूप से आव्यूह (Matrix) से जुड़ी होती है। जब हम किसी वर्ग आव्यूह (Square Matrix) से कोई विशेष संख्यात्मक मान ज्ञात करते हैं, तो उसी मान को उस आव्यूह का सारणिक (Determinant) कहा जाता है।

दूसरे शब्दों में — निश्चित नियम के अनुसार किसी वर्ग आव्यूह के अवयवों (Elements) से जो संख्या प्राप्त होती है, वही संख्या उस आव्यूह का Determinant कहलाती है।

अर्थात्—

वर्ग आव्यूह में  → नियम लगाएँ →एक संख्या प्राप्त होगा  → वही सारणिक है।

एक वर्ग आव्यूह है, तो उसके सारणिक को इस प्रकार लिखा जाता है :  Aयाdet(A)

यहाँ |A| का अर्थ है — आव्यूह A का सारणिक।

 देखिए, हमारा मुख्य “मकसद” Determinant से जुड़े प्रश्नों को हल करना होना चाहिए। इसलिए इसके नियमों एवं सूत्रों को अच्छी तरह समझना आवश्यक है। फिलहाल, हम एक छोटे से उदाहरण के माध्यम से समझते हैं कि सामान्य रूप से सारणिक(Determinant) कैसे ज्ञात किया जाता है।

उदाहरण(Examples) :

मान लीजिए हमें निम्न वर्ग आव्यूह दिया गया है —

\[
A =
\begin{bmatrix}
5 & 3 \\
2 & 7
\end{bmatrix}
\]

2×2 सारणिक ज्ञात करने का नियम : 

\[
\begin{bmatrix}
a & b \\
c & d
\end{bmatrix}
\]

\[
|A| = ad – bc
\]

दिए गए आव्यूह में मान रखने पर:

\[
a = 5,\; b = 3,\; c = 2,\; d = 7
\]

\[
|A| = (5 \times 7) – (3 \times 2)
\]

\[
|A| = 35 – 6
\]

\[
|A| = 29
\]

\[
\text{अतःसारणिक} = 29
\]
ध्यान दीजिए(Note) : जब हम 2×2 कहते हैं, तो इसका मतलब होता है — 2 पंक्तियाँ (Rows) और 2 स्तम्भ (Columns) अर्थात् किसी आव्यूह (Matrix) में ऊपर से नीचे तक 2 पंक्तियाँ हों और बाएँ से दाएँ 2 स्तम्भ हों, तो उसे 2×2 आव्यूह कहते हैं। अभी हम इन्हीं Matrix का उदाहरण दिए हैं। ऐसे आव्यूह (Matrix) का हल निकालने के लिएA=adbc नियम लगाते हैं। 

Determinants Class 12 Math in Hindi – सारणिक ज्ञात करने के नियम एवं विधि।

अभी आपने जाना कि Determinant क्या होता है। अब हम आगे यह जानेंगे कि इससे जुड़े प्रश्नों को कैसे हल किया जाता है। अर्थात Determinant ज्ञात करने के वे कौन-कौन से नियम एवं विधियाँ हैं, जिनका हम विस्तार से अध्ययन करेंगे। हम जो भी Concepts बताएँगे, वे NCERT Math Book पर आधारित होंगे।

जैसा कि इस अध्याय (Chapter) में कुल 5 प्रश्नावलियाँ (Exercises) हैं, जिन्हें हल करने के लिए अध्याय के अनुसार अलग-अलग नियम निर्धारित किए गए हैं। पहले आप प्रथम प्रश्नावली – 4.1 के लिए महत्वपूर्ण नियमों को जानिए जो निम्न प्रकार है।

एक कोटि के आव्यूह का सारणिक(Determinant of a Matrix of Order One)

यदि किसी आव्यूह में केवल एक पंक्ति (Row) तथा एक ही स्तम्भ (Column) हो, तो ऐसे आव्यूह को एक कोटि का आव्यूह (1×1 Matrix) कहा जाता है। इस प्रकार के आव्यूह में केवल एक ही अवयव (Element) उपस्थित होता है। अब इसका आव्यूह कैसे निकलते है इन्हें जानते है।

मान लीजिए एक आव्यूह :

A = [ a ]

यह एक कोटिय 1×1 वर्ग आव्यूह (Square Matrix) है। इस आव्यूह का सारणिक ज्ञात करना अत्यंत सरल होता है। क्योंकि इसमें  किसी प्रकार का गुणा या घटाव करने की आवश्यकता नहीं होती। बस आव्यूह में जो मान(Value) दिया है , वही उसका सारणिक होगा।

नियम : एक कोटि के आव्यूह का सारणिक’ उसके एकमात्र अवयव के बराबर होता है।

अर्थात – 

|A| = a

जैसे मान लीजिए एक आव्यूह A = [ 8 ]
है। 
तो |A| = 8 होगा।

कुल मिलाकर बात यह है कि  एक कोटि (1×1) आव्यूह में जो संख्या होगी वहीं उसका
सारणिक (Determinant) होगी है।

 

दो कोटि के आव्यूह का सारणिक(Determinant of a Matrix of Order Two)

दो कोटि का आव्यूह उस वर्ग आव्यूह को कहते हैं जिसमें दो पंक्तियाँ और दो स्तम्भ होते हैं।
इसमें कुल चार अवयव (Elements) होते हैं।

2×2 Matrix का Determinant निकालने का नियम :

यदि कोई आव्यूह \(A\) इस प्रकार है:

\[
A =
\begin{bmatrix}
a & b \\
c & d
\end{bmatrix}
\]

तो इसका Determinant \(|A|\) या \(det(A)\) निम्न प्रकार ज्ञात किया जाता है।

\[
|A| = ad – bc
\]

यहां :

  • \(a\) और \(d\) मुख्य विकर्ण (Main Diagonal) के अवयव हैं।
  • \(b\) और \(c\) अन्य विकर्ण (Secondary Diagonal) के अवयव हैं।
  • अर्थात मुख्य विकर्ण का गुणा – अन्य विकर्ण का गुणा=सारणिक(Determinant) होगा।

उदाहरण(Example) : 

मान लीजिए कि कोई आव्यूह :

\[
A =
\begin{bmatrix}
5 & 3 \\
2 & 7
\end{bmatrix}
\]

अब हमे मुख्य और अन्य विकर्ण के अवयव की पहचान करना है। इसके बाद मुख्य विकर्ण में से दूसरे विकर्ण को घटाना है।

मुख्य विकर्ण 5 एवं 7 है और अन्य दूसरा विकर्ण 2 तथा 3 है।

  • a = 5
  • b = 3
  • c = 2
  • b = 7 है।

अब Determinant \[
|A| = (5 \times 7) – (3 \times 2)
\]

\[
|A| = 35 – 6
\]

\[
|A| = 29
\]

अतः आव्यूह का Determinant = 29

मुख्य बातें : 

  • Determinant निकालने का नियम ad – bc है।
  • यह केवल 2×2 और Square Matrix के लिए लागू होता है।
  • Determinant ≠ 0 → Matrix का Inverse ज्ञात किया जा सकता है।

इस नियम के द्वारा NCERT Exercise 4.1 के सारे प्रश्न आसानी से हल कर सकते है।

एक ओर उदाहरण देते है ताकि अब ab तथा cd भी अच्छी तरह से स्पष्ट हो जाए।

उदाहरण (Example) 2  : 

मान लीजिए आव्यूह:\[
A =
\begin{bmatrix}
\overset{a}{4} & \overset{b}{6} \\
\overset{c}{1} & \overset{d}{5}
\end{bmatrix}
\]

Determinant निकालने का नियम : 

\[
|A| = ad – bc
\]

ab और cd का मान रखने पर :

\[
|A| = (4 \times 5) – (6 \times 1)
\]

\[
|A| = 20 – 6
\]

\[
|A| = 14
\]

अतः आव्यूह का Determinant = 14

 

तीन कोटि के आव्यूह का सारणिक(Determinant of a Matrix of Order Three)

अब तक आपने एक कोटि तथा दो कोटि के आव्यूह का सारणिक ज्ञात करना सीख लिया है। अब आप तीन कोटि (3×3) के आव्यूह के Determinant निकालना सीखेंगे।

तीन कोटि का “आव्यूह”  एक ऐसे  वर्ग आव्यूह होता है जिसमें तीन पंक्तियाँ और तीन स्तम्भ होते हैं।अर्थात इसमें कुल 9 अवयव (elements) होते हैं।

अब हम सारणिक निकालने का सूत्र(Formula) बता रहे हैं जिनकी सहायता से आप किसी भी तीन कोटि के आव्यूह का सारणिक ज्ञात कर सकते हैं।

सूत्र(Formula) :

$$
A =
\begin{vmatrix}
a & b & c \\
d & e & f \\
g & h & i
\end{vmatrix}
$$

$$
|A| = a(ei – fh) – b(di – fg) + c(dh – eg)
$$

अब इस सूत्र को समझिए  , तभी तो आप किसी तीन कोटि के आव्यूह का सारणिक निकाल सकते हैं।

जैसे की ऊपर एक आव्यूह (A) दिया हैं , जिसमें तीन पंक्ति और तीन कॉलम हैं। कुल 9 अवयव हैं ।

सारणिक निकालने का सूत्र |A| = a(ei – fh) – b(di – fg) + c(dh – eg)  हैं । ये  कैसे  बना हैं ‘ इन्हे समझते हैं ताकि आप किसी भी आव्यूह पर लागु कर सकें।

सबसे पहले a से शुरू कीजिए , a के बाद छोटी कोष्ठक → ( से शुरू कीजिए।

a के लिए , a की पंक्ति (पहली पंक्ति) और a का स्तम्भ (पहला स्तम्भ) हटा दीजिए। अब जो बचेगा वह 2×2 वाले सारणिक होगा —

मान लीजिए आव्यूह A इस प्रकार है —

\[
A =
\begin{vmatrix}
a & b & c \\
d & e & f \\
g & h & i
\end{vmatrix}
\]

सारणिक का सूत्र है —

\[
|A| = a(ei – fh) – b(di – fg) + c(dh – eg)
\]

a के लिए

\[
\begin{vmatrix}
e & f \\
h & i
\end{vmatrix}
= ei – fh
\]

\[
a(ei – fh)
\]

ध्यान दिजिए , a वाले Turm के पहली पंक्ति और पहला स्तम्भ हटाने के बाद e , i , f , h बचता हैं , जिन्हे कोणातमक गुणा किया जाता हैं अर्थात ei को एक साथ गुणा करना होता हैं और fh को एक साथ गुणा करना होता हैं। इसी प्रकार आगे b तथा c के लिए भी यही नियम लागू होता हैं।

b के लिए

\[
\begin{vmatrix}
d & f \\
g & i
\end{vmatrix}
= di – fg
\]

\[
– b(di – fg)
\]

अब c के लिए

\[
\begin{vmatrix}
d & e \\
g & h
\end{vmatrix}
= dh – eg
\]

\[
+ c(dh – eg)
\]

Note : इन (+ − + ) चिन्हों का ध्यान आवश्यक रखें ।

वैसे आप सूत्रों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ते हैं तो कोइ समस्या नहीं हैं। अब हम एक उदाहरण देते हैं ताकि सूत्र को स्पष्ट रूप से समझ जाए तथा प्रश्नों को हल करते समय कोइ गलती न हो ।

तीन कोटि के आव्यूह का सारणिक : 

\[
\left|
\begin{array}{ccc}
3 & 2 & 1 \\
4 & 1 & 5 \\
6 & 2 & 3
\end{array}
\right|
\]

पहली पंक्ति से विस्तार ( + − + ) :

\[
= 3
\left|
\begin{array}{cc}
1 & 5 \\
2 & 3
\end{array}
\right|
– 2
\left|
\begin{array}{cc}
4 & 5 \\
6 & 3
\end{array}
\right|
+ 1
\left|
\begin{array}{cc}
4 & 1 \\
6 & 2
\end{array}
\right|
\]

अब 2×2 सारणिक निकालते हैं।

\[
= 3(1\times3 – 5\times2)
– 2(4\times3 – 5\times6)
+ 1(4\times2 – 1\times6)
\]

\[
= 3(-7) – 2(-18) + 1(2)
\]

\[
= -21 + 36 + 2
\]

\[
= 17
\]

अतः सारणिक = 17

 

त्रिभुज का क्षेत्रफल कैसे निकाले Determinant Class 12 Math 

अब तक आपने एक कोटि , दो कोटि तथा तीन कोटि के आव्यूह का सारणिक (Determinant) निकालना सीख लिया है। अब हम सारणिक के नियमों का उपयोग करके किसी त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करना सीखेंगे।

जब किसी त्रिभुज के तीन शीर्ष निर्देशांक रूप में दिए होते हैं, तब सामान्य ज्यामितीय विधि से त्रिभुज का क्षेत्रफल निकालना थोड़ा कठिन हो जाता है। इसलिए ऐसे स्तिथि में सारणिक की सहायता से त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करते है। इस विधि की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि चाहे निर्देशांक कितने भी बड़े या जटिल क्यों न हों, इसकी सहायता से क्षेत्रफल आसानी से निकाला जा सकता है।

 

मान लीजिए त्रिभुज के शीर्ष हैं:
\[
A(x_1, y_1), \quad B(x_2, y_2), \quad C(x_3, y_3)
\]

त्रिभुज का क्षेत्रफल :\[
\text{Area of Triangle} = \frac{1}{2}
\left|
\begin{matrix}
x_1 & y_1 & 1\\
x_2 & y_2 & 1\\
x_3 & y_3 & 1
\end{matrix}
\right|
\]

अब तीन कोटि (3×3)  वाले आव्यूह के सारणिक(Determinant) निकालने का जो सूत्र(Formula) होता हैं ,  उसी Formula के आधार पर त्रिभुज का क्षेत्रफल निकालेंगे।

अब पहली पंक्ति से विस्तार करने पर :

$$
= \frac{1}{2} [
x_1
\left|
\begin{array}{cc}
y_2 & 1 \\
y_3 & 1
\end{array}
\right|

y_1
\left|
\begin{array}{cc}
x_2 & 1 \\
x_3 & 1
\end{array}
\right|
+
\left|
\begin{array}{cc}
x_2 & y_2 \\
x_3 & y_3
\end{array}
\right|
]
$$

अब 2×2 सारणिक :

$$
= \frac{1}{2} [
x_1(y_2 – y_3)
– y_1(x_2 – x_3)
+ (x_2y_3 – x_3y_2)
]
$$

अतः व्यवस्थित सूत्र :

$$
\text{Area}
=
\frac{1}{2}
|
x_1(y_2 – y_3)
+
x_2(y_3 – y_1)
+
x_3(y_1 – y_2)
|
$$

ध्यान दें: क्षेत्रफल सदैव धनात्मक होता है, इसलिए पूर्ण मान | | लिया जाता है।

अब हम एक उदाहरण के साथ समझते है जिससे प्रश्नों को हल करने में कोई दिक्कत न हो।

माना कि त्रिभुज के शीर्ष हैं:
\[
A(2,3), \quad B(4,7), \quad C(6,5)
\]

तो त्रिभुज का क्षेत्रफल

\[
\text{Area}
=
\frac{1}{2}
\left|
\begin{matrix}
2 & 3 & 1\\
4 & 7 & 1\\
6 & 5 & 1
\end{matrix}
\right|
\]

\[
=
\frac{1}{2}
\Big[
2(7\times1 – 1\times5)
– 3(4\times1 – 1\times6)
+ 1(4\times5 – 7\times6)
\Big]
\]

\[
=
\frac{1}{2}
\Big[
2(7-5)
– 3(4-6)
+ (20-42)
\Big]
\]

\[
=
\frac{1}{2}
\Big[
2(2)
– 3(-2)
– 22
\Big]
\]

\[
=
\frac{1}{2}
\Big[
4 + 6 – 22
\Big]
\]

\[
=
\frac{1}{2}(-12)
\]

\[
=
\frac{12}{2}
\]

\[
= 6
\]

उपसारणिक (Minor) एवं सहखंड (Cofactor) क्या हैं

अब हम जानेंगे कि उपसारणिक (Minor) एवं सहखंड (Cofactor) क्या होता हैं और इसे जानना क्यों आवश्यक हैं। सीधे शब्दों में बताए तो तीन कोटि(3×3) के आव्यूह को हल(Solve) करने के लिए  Minor और Cofactor की समझ बहुत जरूरी हैं , जब हम तीन कोटि (3×3) या उससे बड़े सारणिक का विस्तार करते हैं, तब इनका उपयोग किया जाता है।

अर्थात सारणिक के किसी पंक्ति या स्तम्भ(Row or Colum) के आधार पर विस्तार  करने के लिए “प्रत्येक अवयव” के साथ उसका सहखंड (Cofactor) लिया जाता है और सहखंड निकालने के लिए उससे पहले उस अवयव का उपसारणिक (Minor) निकालना पड़ता है।

मान लीजिए हमारे पास तीन कोटि के आव्यूह हैं तो इसमें Minor  और Cofactor क्या होगा , इसे समझते हैं।

\[
\begin{vmatrix}
a_{11} & a_{12} & a_{13} \\
a_{21} & a_{22} & a_{23} \\
a_{31} & a_{32} & a_{33}
\end{vmatrix}
\]

यह तीन कोटि का आव्यूह हैं। इसमें a₁₁ के लिए पहली पंक्ति और पहला स्तम्भ को हटाने पर जो बचा हैं वही Minor हैं। इसी प्रकार  a₁₂ के पंक्ति और स्तम्भ को हटाने के बाद जो बचेगा वही Minor कहलायेगा। फिर  a₁₃ के लिए उसके Line के पंक्ति और स्तम्भ को हटाने पर जो बचेगा वह Minor होगा।

a₁₁ के लिए :

\[
M_{11} =
\begin{vmatrix}
a_{22} & a_{23} \\
a_{32} & a_{33}
\end{vmatrix}
\]

Note : M11 का मतलब हैं ,Minor → a₁₁ के लिए ।

उम्मीद है कि आप उपसारणिक (Minor) की अवधारणा को समझ गए होंगे। अब हम आगे सहखंड (Cofactor) को समझते हैं।

Cofactor का सम्बन्ध मुख्य रूप से जोड़ और घटाव (+, −) के चिन्हों से होता है। जब हम किसी सारणिक का विस्तार करते हैं, तब प्रत्येक अवयव के साथ उसके स्थान के अनुसार + या − चिन्ह लगाया जाता है। इसलिए इन चिन्हों का सही ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है।

यदि विस्तार करते समय + और − चिन्हों का सही प्रयोग नहीं किया जाए, तो सारणिक का मान गलत आ सकता है। इसी कारण Cofactor को समझना Determinant के प्रश्नों को हल करने में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

 किसी आव्यूह के किसी अवयव (element) के Minor में चिन्ह (+ या −) जोड़ने पर जो मान प्राप्त होता है, उसे उस अवयव का  Cofactor कहा जाता है।

परिभाषा : यदि किसी आव्यूह A = [aij] में किसी अवयव aij का माइनर Mij है,
तो उस अवयव का कोफैक्टर इस प्रकार लिखा जाता है:

Cij = (-1)i+j Mij

  • Mij = अवयव aij का  Minor हैं।
  • Cij = अवयव aij का  cofactor हैं।
  • i = पंक्ति (row) संख्या हैं ।
  • j = स्तम्भ (column) संख्या हैं।

चिन्हों का नियम (Sign Rule) :

Cofactor निकालते समय चिन्हों का एक निश्चित  Pattern होता है :

+   −   +
−   +   −
+   −   +

  • यदि (i + j) सम (even) है, तो चिन्ह + होगा।
  • यदि (i + j) विषम (odd) है, तो चिन्ह होगा।

जैसे :

मान लीजिए एक आव्यूह है:

$$
A =
\begin{vmatrix}
1 & 2 & 3 \\
4 & 5 & 6 \\
7 & 8 & 9
\end{vmatrix}
$$

यदि हमें अवयव a11 का  Cofactor निकालना हो, तो पहले उसका Minor निकालते हैं (पहली पंक्ति और पहला स्तम्भ हटाकर) :

$$
\begin{vmatrix}
5 & 6 \\
8 & 9
\end{vmatrix}
$$

अब चिन्ह लगाते हैं:

C11 = (+1) × M11

क्योंकि (1 + 1 = 2) सम संख्या है, इसलिए चिन्ह + होगा।

आव्यूह के सहखंडज  क्या हैं ? – What is  Adjoint of a Matrix .

किसी वर्ग आव्यूह (Square Matrix) A के प्रत्येक अवयव के सहखंड (Cofactor) से बने आव्यूह के ट्रांसपोज़ (Transpose) को उस आव्यूह का सहखंडज (Adjoint) कहते हैं।

$$
adj(A) = (\text{Cofactor Matrix of } A)^T
$$

जैसे  :

$$
A=
\begin{bmatrix}
1 & 2 \\
3 & 4
\end{bmatrix}
$$

अब इसके सहखंडों से बना आव्यूह होगा :

$$
C=
\begin{bmatrix}
4 & -3 \\
-2 & 1
\end{bmatrix}
$$

अब इस आव्यूह का Transpose लेने पर हमें सहखंडज इस प्रकार प्राप्त होगा :

$$
adj(A)=
\begin{bmatrix}
4 & -2 \\
-3 & 1
\end{bmatrix}
$$

जरूरी  सूत्र

$$
A \times adj(A) = |A|I
$$

आव्यूह का व्युत्क्रम क्या है? (What is the Inverse of a Matrix)

किसी वर्ग आव्यूह (Square Matrix) का व्युत्क्रम (Inverse) वह आव्यूह होता है, जिसे मूल आव्यूह से गुणा करने पर एकक आव्यूह (Identity Matrix) प्राप्त होता है।

जब हम मूल आव्यूह को उसके व्युत्क्रम से गुणा करेंगे, तो परिणाम हमेशा \textbf{एकक आव्यूह (Identity Matrix)} प्राप्त होगा।

\[
I = A \times A^{-1} \quad \text{और} \quad I = A^{-1} \times A
\]

जहाँ $I$ = Identity Matrix (एकक आव्यूह) है।

यदि $A$ एक वर्ग आव्यूह है और उसका व्युत्क्रम $A^{-1}$ है, तो इसे इस प्रकार लिखा जाता है:

\[
A^{-1} = \text{Inverse of } A
\]

शर्त: $|A| \ne 0$.
यदि $|A| = 0$, तो व्युत्क्रम नहीं होगा।

किसी व्युत्क्रम का व्युत्क्रम कैसे निकले ?

मान लीजिए कि –

\[
A = \begin{bmatrix} 2 & 3 \\ 1 & 4 \end{bmatrix}
\]

एक वर्ग आव्यूह है , तो इसका व्युत्क्रम \(A^{-1}\) निम्न प्रकार होगा।

\[
|A| = (2 \times 4) – (3 \times 1) = 8 – 3 = 5
\]

 

\[
A^{-1} = \frac{1}{|A|} \begin{bmatrix} d & -b \\ -c & a \end{bmatrix}
\]

यहाँ \(a=2, b=3, c=1, d=4\)

\[
A^{-1} = \frac{1}{5} \begin{bmatrix} 4 & -3 \\ -1 & 2 \end{bmatrix}
\]

 

\[
A^{-1} = \frac{1}{5}
\begin{bmatrix} 4 & -3 \\ -1 & 2 \end{bmatrix}
\] उत्तर।

सारणिक (Determinant) और आव्यूह (Matrix) के अनुप्रयोग :

अब सारणिक और आव्यूह  के अनुप्रयोग क्या होता हैं इनके बारे में जानते हैं। इससे पहले ये जानते हैं कि अनुप्रयोग क्या होता हैं ।

अनुप्रयोग(Applications) : जब किसी गणितीय सिद्धांत, नियम या सूत्र का उपयोग करके किसी समस्या(Problems) का समाधान(Solves) किया जाता है, तो उन्हें उस सिद्धांत का अनुप्रयोग (Application) कहा जाता है।

सारणिक और आव्यूह के अनुप्रयोग में – 

  1. सारणिक (Determinant) का उपयोग करके दो या तीन अज्ञातों वाले रैखिक समीकरणों को हल करना सीखेंगें ।

  2. आव्यूह (Matrix) का उपयोग करके कई समीकरणों को संगठित रूप में लिखना और हल करना सीखेंगें

मान लीजिए हमारे पास तीन रैखिक समीकरण हैं —

a₁x + b₁y + c₁z = d₁

a₂x + b₂y + c₂z = d₂

a₃x + b₃y + c₃z = d₃

इन समीकरणों को हल करने के लिए सारणिक (Determinant) और आव्यूह (Matrix) का उपयोग किया जाता है। इसके लिए  क्रैमर का नियम (Cramer’s Rule) प्रयोग किया जाता है।

इस नियम के अनुसार सबसे पहले इन समीकरणों के गुणांकों से एक सारणिक (Determinant) बनाया जाता है, जिसे D कहते हैं। इसके बाद x, y और z के लिए अलग-अलग सारणिक बनाए जाते हैं, जिन्हें क्रमशः Dₓ  ,  Dᵧ और D𝓏 कहते हैं। फिर इन सूत्रों की सहायता से अज्ञात राशियों के मान प्राप्त किए जाते हैं।

$$
AX = B
$$

$$
\begin{bmatrix}
a_1 & b_1 & c_1 \\
a_2 & b_2 & c_2 \\
a_3 & b_3 & c_3
\end{bmatrix}
\begin{bmatrix}
x \\
y \\
z
\end{bmatrix}
=
\begin{bmatrix}
d_1 \\
d_2 \\
d_3
\end{bmatrix}
$$

 

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